शैली: हॉरर | थ्रिलर | रहस्य गांव दुर्वन के पीछे का जंगल किसी श्राप से कम नहीं था। लोग उस जर्जर लकड़ी की बाड़ के पास भी नहीं जाते थे, जिसे वक़्त ने चाट लिया था और बेलों ने जकड़ रखा था। वहाँ की हवाओं में कुछ फुसफुसाता था। कहते हैं, उस जंगल में एक पुराना विला है – सेवरिन विला – जो अब सिर्फ़ एक घर नहीं, एक जिंदा डर बन चुका है।कोई नहीं गया। कोई नहीं लौटा। सिवाय एक इंसान के — रिवन डे। रिवन एक वाइल्डलाइफ डॉक्युमेंट्री फिल्ममेकर था। जंगल उसकी आदत में था। उसने कई रहस्यमयी जगहें देखीं, लेकिन जब उसे एक शराबी गाइड से दुर्वन गांव की बात पता चली, उसका मन बेचैन हो गया। > "वो गांव नक्शे पर नहीं मिलेगा, लेकिन वहाँ कुछ है... वहाँ से लौटे लोग वही नहीं रहते।" वो एक महीना बाद दुर्वन पहुंचा। गांव धुंध में डूबा था, जैसे समय ने उसे छोड़ दिया हो। लोग शांत थे, लेकिन डरे हुए नहीं — जैसे उन्हें सब पता था, लेकिन कोई कुछ नहीं बोलता। तीसरी रात, वो गांव के एक पुराने सराय में गया। एक बूढ़ा आदमी फटी आंखों और कांपते हाथों के साथ बोला— > "तू उसके लिए आया है, है ना?" > "किसके लिए?" ...